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गाजीपुर-15 रुपये के लिए हत्या करने वाले चाचा भतीजा गिरफ्तार

पूर्वांचल-डेस्क-रिपोर्ट-रानी त्रिपाठी-गाजीपुर 
गाजीपुर के बड़ेसर थाना इलाके में 13/14 नवंबर की रात 15 रुपये के लिए चाय विक्रेता की हत्या करने वाले चाचा भतीजा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त असलहा भी बरामद कर लिया है। इस बात का खुलासा पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा ने एक प्रेसकांफ्रेन्स कर की। इस दौरान एसपी ने बताया कि 13/24 नवम्बर की रात
राजेश नाम के शख्स को कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा गोली मार दिया गया था पुलिस को सुबह सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची और राजेश को जिला अस्पताल लेकर आए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिय जिसके बाद राजेश का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के दौरान राजेश के सर में गोली लगी थी । पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में जुटी हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि 13 नवंबर की शाम को शेरु नाम के शख्स से समोसे के पैसे को लेकर विवाद हो गया था। पूछताछ के दौरान पता चला कि 30 रुपये का समोसा राजेश ने दिया था और शेरू 15 रुपये दिया था और बचे 15 रुपये के लिए विवाद था। इसी को लेकर शेरू ने प्लान कर दो लोगों को बुला लिया था और सोते वक्त आरोपियों ने राजेश के सर में गोली मार दी जिससे राजेश की मौत हो गई थी। मामले में आज दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। बता दे कि बरेसर थाने के शेरपुर ढोटारी चट्टी पर चाय विक्रेता राजेश कुमार गुप्त की सोते वक्त सिर में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी । मामले में चाचा-भतीजा सहित दो को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।  गिरफ्तार शेरू राजभर तथा उसका चाचा राजबली राजभर बरेसर थाने के ही रेंगा गांव के रहने वाले हैं। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तमंचा रेंगा गांव के ही टौंस नदी के पास से बरामद हो गया है। पुलिस के मुताबिक सुबह करीब सवा छह बजे बरेसर थाने के तिराहीपुर पुलिया के पास दोनों को दबोचा गया। घटना में शामिल इनके दो साथियों में एक हरिनारायण को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि दूसरा संजीव राजभर फरार है। पूछताछ में चाचा-भतीजा ने भी अपना जुर्म कबूला है। बीते 13 नवंबर की शाम वह सभी राजेश की दुकान पर समोसा खाए। राजेश बगैर खाए लवंगलता का भी पैसा मांगने लगा। इसको लेकर वह उनसे उलझ गया। आखिर में उन्हें लवंगलता का भी पैसा देना पड़ा लेकिन राजेश की वह ढिठाई उन्हें बर्दाश्त नहीं हुई। उन लोगों ने तय किया कि रात में पिटाई कर राजेश के हाथ-पांव तोड़ने हैं लेकिन जब वह सभी मौके पर पहुंचे तब शेरू नहीं माना और उसने तमंचे की गोली उसकी खोपड़ी में उतार दी थी। उसके बाद वह सभी मौके से घर चले आए थे। मालूम हो कि सुबह राजेश लहूलुहान अपनी दुकान में पड़ा था। उसे जिला अस्पताल भेजा गया। फिर वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया लेकिन रास्ते में ही उसका दम टूट गया था। राजेश मूलतः उसी क्षेत्र के सागापाली दयाल सिंह गांव का रहने वाला था और उसकी दुकान ढोटारी चट्टी पर थी।

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