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हेरा-फेरी के आरोप मंे बाबू सिंह हुए निलंबित, सहायक अभियंता और अभियंता को भी मण्डलायुक्त ने किया निलंबित

रिर्पोट- विनोद सिंह सोनू

आजमगढ़ के विकास में जो लोग भी दोषी पाए जाएंगे उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी-मण्डलायुक्त
आजमगढ़ | आयुक्त आजमगढ़ मण्डल आजमगढ़ कनक त्रिपाठी ने बताया कि जन प्रतिनिधियों एवं जन मानस द्वारा लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थी कि सचिव, आजमगढ़ विकास प्राधिकरण बाबू सिहं, सहायक अभियन्ता देववचन राम, अवर अभियन्ता रमाशंकर प्रसाद द्वारा शमन मानचित्र में शमन शुल्क की गलत गणना करके मानचित्र स्वीकृत कर निर्माण कर्ताओं को अवैध निर्माण कराकर राज्य सरकार को गम्भीर वित्तीय क्षति पहुॅचायी गयी है।
आयुक्त ने कहा कि आजमगढ़ विकास प्राधिकरण की समीक्षा के दौरान अब तक यह परिलक्षित हुआ कि उनके द्वारा एडीए में 01 जनवरी 2019 से 21 अगस्त 2019 तक कुल 106 अवैध निर्माण चिन्हित किये गये, जिसमें उक्त प्रकरणों में मात्र नोटिस देने का कार्य किया गया है, जबकि स्थल पर अवैध निर्माण कार्य लगातार चल रहे हैं और अधिकांश निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इन अवैध निर्माणों में अधिकांश निर्माण महायोजना में निर्दिष्ट भू उपयोग के विरूद्ध है, इन अवैध निर्माणों पर औपचारिकता पूर्ण कार्यवाही की गयी।
एडीए सचिव द्वारा प्रभावी नियंत्रण न रखते हुए अनाधिकृत निर्माणकर्ताओं को सहयोग प्रदान किया गया, यदि इनके द्वारा सुनवाई के दौरान उ0प्र0 नगर योजना व विकास अधिकरण 1973 की धारा 27क (4) एवं अभियोजन की कार्यवाही हेतु अनुशंसा की गयी होती तो ऐसे अनाधिकृत निर्माणों को रोका जा सकता था।
इस प्रकार की शिकायतों पर परीक्षण हेतु दो पत्रावलियों की जांच की गई, जिसमें सुमन पांडेय व पंकज पांडेय द्वारा मौजा सिधारी की गाटा संख्या 426/1 से 426/3 एवं 424/4 पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए तीन मंजिला भवन का निर्माण पूर्ण कर लिया गया। इस प्रकरण में प्रभावी कार्यवाही नहीं की गयी, निर्माण पूर्ण करने में सहयोग किया गया। इस अनाधिकृत निर्माण को शासनादेश में दी गयी व्यवस्था एवं भवन उप विधियों में प्रतिकूल निर्माण शमन किया गया एवं पुरानी दरों पर शमन की कार्यवाही की गयी और अतिरिक्त पक्ष से बिना ब्याज लिए शमन की धनराशि जमा करायी गयी।
दूसरे प्रकरण में किशोर सिंह एवं माधुरी सिंह द्वारा मौजा एलवल के गाटा संख्या 980/01, 980/02 व 981 पर स्वीकृत मानचित्रों के विपरीत निर्माण करने पर शमन की कार्यवाही की गयी। इस प्रकरण में भी शमन की कार्यवाही शासनादेश के विपरीत करके आजमगढ़ विकास प्राधिकरण को वित्तीय क्षति पहुंचायी गयी।
उक्त दोनों प्रकरणों में एडीए सचिव बाबू सिंह द्वारा निजी लाभ की पूर्ति हेतु नियम के विरुद्ध कार्य कर एडीए को काफी क्षति पहुंचाई गयी है। उक्त 2 प्रकरण परीक्षण के तौर पर जांच किये गए, जबकि एडीए सचिव बाबू सिंह जुलाई 2017 से कार्यरत हैं, इनके द्वारा 20 प्रकरणों में शमन शुल्क की कार्यवाही की गयी, इससे आजमगढ़ विकास प्राधिकरण को करोड़ों रुपए की वित्तीय क्षति पहुंचायी गयी है।
अतः एडीए सचिव बाबू सिंह अपने पदीय दायित्वों का सही प्रकार से निर्वहन न करने, नैतिक लाभ प्राप्त करने और एडीए को वित्तीय क्षति पहुंचाने के दोषी हैं। एडीए सचिव बाबू सिंह द्वारा महायोजना के प्राविधानों के विपरीत अनाधिकृत निर्माण को बढ़ावा देने के कारण शहर का सुनियोजित विकास पूर्णतः प्रभावित हुआ है। अतः इनको निलंबित करते हुए इनके विरुद्ध अनुशासनात्मक विभागीय कार्यवाही किए जाने की संस्तुति उत्तर प्रदेश शासन को भेजी गयी है।
उक्त प्रकरण में सहायक अभियंता देववचन राम एवं अवर अभियंता रमाशंकर प्रसाद भी अपने पदीय दायित्वों का ठीक प्रकार से निर्वहन न करने एवं अनैतिक लाभ प्राप्त करने एवं एडीए को वित्तीय क्षति पहुंचाने के दोषी हैं। सहायक अभियंता देववचन राम जुलाई 2017 से एवं अवर अभियंता रमाशंकर प्रसाद 2012 से एडीए में कार्यरत हैं।
सहायक अभियन्ता बेचन राम व अवर अभियन्ता रमाशंकर प्रसाद द्वारा महायोजना के प्राविधानों के विपरीत अनाधिकृत निर्माण को बढ़ावा देने के कारण शहर का सुनियोजित विकास प्रभावित हुआ है। अतः उक्त दोनों लोगों को निलंबित करते हुए उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक विभागीय कार्यवाही किये जाने की संस्तुति उत्तर प्रदेश शासन को भेजी गयी है।
आयुक्त, आजमगढ़ मण्डल आजमगढ़ कनक त्रिपाठी ने कहा कि आजमगढ़ के विकास में जो लोग भी दोषी पाए जाएंगे उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी।

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