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हिंदी दिवस पर हिंदी खड़ी बोली के महाकाव्य ‘प्रियप्रवास’ के रचयिता अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ को किया गया याद

रिर्पोट- संतोष कुमार मिश्रा-निजामाबाद

आजमगढ़।नगर पंचायत निजामाबाद के रानी की सराय बाईपास पर लगभग 20 वर्ष पूर्व कवि सम्राट अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध की आदम कद प्रतिमा स्थापित की गयी है। 14 सितंबर को हिंदी दिवस के अवसर पर नगर के संभ्रांत व्यक्तियों ने कवि सम्राट अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध की आदम कद स्थापित प्रतिमा पर पहुंचकर माल्यार्पण कर हिंदी खड़ी बोली के महाकाव्य ‘प्रियप्रवास’ को लिखने वाले खड़ी बोली के कवि सम्राट अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध को याद किया। इस खड़ी बोली के कवि का निवास भी नगर निजामाबाद के गुरद्वारा चरण पादुका साहिब के बगल में स्थित है जो खंडहर में तब्दील हो चुका है मात्र मूर्ति ही उनके पहचान का एक रूप बचा हुआ है जिससे ये जाना जा सकता है कि यह भी यहीं के निवासी थे इनके नाम से नगर में एक बालिका इंटर कॉलेज सरकारी स्थित है।
मुख्य रूप से कार्यक्रम का संचालन तहसील निजामाबाद के अधिवक्ता जितेंद्र हरी पांडे द्वारा किया गया। सर्वप्रथम प्रतिमा का माल्यार्पण कर नगर अध्यक्ष निजामाबाद प्रेमा यादव, दी तहसील बार एसोसिएशन अध्यक्ष पूर्व अध्यक्ष रणविजय राय द्वारा प्रियप्रवास लिखने वाले खड़ी बोली के अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें याद किया प्रत्येक वर्ष इसी तरीके से कवि सम्राट अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद तो नगर के लोग कर लिया करते हैं लेकिन इस प्रतिमा की जो हालत है , वह देखते बनती है, जगह-जगह बाउंड्री वाल टूट चुकी है गेट टूट चुका है यह किसी को नहीं दिखाई देता लेकिन केवल प्रत्येक हिंदी दिवस के दिन और कवि सम्राट अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध के जन्म दिवस के अवसर पर एकत्र होते हैं और लंबी लंबी बातें करके यहां से चले जाते हैं जबकि हिंदी दिवस प्रत्येक साल मनाया जाता है।

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