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श्रीदुर्गा जी पीजी कालेज-हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद एडीएम ने रोका शिक्षकों का वेतन, रोष 

आजमगढ़-डेस्क-रिपोर्ट-शैलेन्द्र शर्मा-सिटी रिपोर्टर 
शिक्षकों का अपमान बर्दाश्त नहीं : डॉ. प्रवेश
आजमगढ़। महाविद्यालय शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों की बैठक शुक्रवार को श्रीदुर्गा जी स्नातकोत्तर महाविद्यालय चंडेश्वर में संघ के अध्यक्ष डा प्रवेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। जिसका संचालन डा अजीत प्रताप सिंह ने किया। बैठक में उच्च न्यायालय एवं उच्च शिक्षा निदेशक इलाहाबाद द्वारा 10 नवम्बर 2017 को दिये गये आदेश के बावजूद भी प्रभारी प्राधिकृत नियन्त्रक द्वारा वेतन रोके जाने से शिक्षकों ने आक्रोश जताया।
संघ के अध्यक्ष डा प्रवेश कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक सम्मान का भूखा होता है, शिक्षकों का वेतन रोका जाना अपर जिलाधिकारी का गैर जिम्मेदराना रवैय को दिखाता है जिसे संगठन कतई बर्दाश्त नहीं करेंगा। श्री सिंह ने आगे कहा कि शिक्षा निदेशक के स्पष्ट निर्देश के बावजूद शिक्षकों का वेतन किन परिस्थितियों में रोका जा रहा, पूरा प्रकरण समझ से परे है। इसे हर हाल में स्पष्ट करना होगा अन्यथा शिक्षक संघ लामबंद होकर अग्रिम रणनीति तैयार करेगा। संघ के महामंत्री डा अजीत प्रताप सिंह ने कहा कि जनपद की सभी शिक्षण संस्थाओं में शिक्षा निदेशक के आदेश के अनुपालन में सभी नवागत शिक्षकों का वेतन भुगतान कर दिया गया लेकिन अपर जिलाधिकारी वित्त न तो उच्च न्यायालय और न ही शिक्षा निदेशक के आदेश को मान रहे है। जिसके कारण शिक्षकों में काफी रोष व्याप्त है। जिला उपाध्यक्ष डा वीरेंद्र दुबे ने कहा कि शिक्षकों के हित के लिए संघ किसी भी स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है। विश्व विद्यालय के सहमंत्री डा राजीव त्रिपाठी ने कहा कि एडीएम वित्त अगर अपनी हठवादी रवैय्ये को नहीं छोड़ते है तो हम विश्वविद्यालय इकाई से शिक्षकों के हित की लड़ाई लड़ने को कहेंगे। डा ईश्वर चन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षक सम्मान चाहता है लेकिन अपर जिला अधिकारी तकरीबन तीन महीने से लगातार सेवा दे रहे शिक्षकों का वेतन निदेशक इलाहाबाद के आदेश के बावजूद नहीं दे रहे है। जिससे शिक्षकों में भारी आक्रोश व्याप्त हैं। पूरा सदन एक स्वर में पूरे प्रकरण की निन्दा करता है। इसी क्रम में डा मुकुल पांडेय ने भी अपर जिलाधिकारी के इस कृत्य पर घोर आश्चर्य व्यक्त किया कि प्रभारी एडीएम किन परिस्थितियों में शिक्षकों का वेतन रोक रहे है जो शिक्षक निरंतर सेवा दे रहा हो उन शिक्षकां का वेतन रोकना न सिर्फ हम सभी का व्यक्तिगत अपमान है अपितु समस्त शिक्षक समाज का अपमान है। सभी शिक्षकों ने प्रभारी नियंत्रक/अपर जिलाधिकारी वित्त को महाविद्यालय के प्रभार से मुक्त करने हेतु जिलाधिकारी को प्राचार्या के माध्यम से पत्र सौंपा। बैठक में डा रामाश्रय शर्मा, डा दुर्गावती उपाध्याय, डा प्रकाश चन्द्र श्रीवास्तव, डा रमानन्द, डा राजेश, डा विष्णु, आर के पांडेय, डा शैलेन्द्र सिंह, डा मुकुल पांडेय, डा सर्वेश सिंह, डा गौतम सहित समस्त शिक्षक मौजूद रहे।

 

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