Tuesday , October 22 2019

प्रमुख समाचार


Home / पूर्वांचल समाचार / आज़मगढ़ / शुमार नार्थ त्रिधारा सार्वजनीन दुर्गापूजा कमेटी ने इस बार नारी सशक्तीकरण को अपना थीम बनाया

शुमार नार्थ त्रिधारा सार्वजनीन दुर्गापूजा कमेटी ने इस बार नारी सशक्तीकरण को अपना थीम बनाया

कोलकाता। भारत में आदिकाल से नारी की पूजा होती आ रही है। हमारे देश में नारी को देवी माना जाता है। मान्यता यह भी है कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवी-देवताओं का वास होता है और जहां नारी का सम्मान नहीं होता, वहां होने वाले सारे शुभ कार्य व्यर्थ हैं। इसी भावना से प्रेरित होकर उत्तर कोलकाता के प्रमुख दुर्गापूजा आयोजकों में शुमार नार्थ त्रिधारा सार्वजनीन दुर्गापूजा कमेटी ने इस बार नारी सशक्तीकरण को अपना थीम बनाया है। एक नारी विषम परिस्थितियों में किस तरह हर कठिनाई से लड़ती हुई आगे बढ़ती है, नॉर्थ त्रिधारा ने इसे दर्शाएगी।

इस अभिनव थीम को मूर्त रूप दे रहे सम्राट भट्टाचार्य ने बताया- ‘पिछले साल दिसंबर को हम नारी सशक्तीकरण थीम पर विचार कर रहे थे। इसी दौरान हमें प्रतिमा पोद्दार का ध्यान आया और हमने प्रतिमा के जीवन को ही थीम बना लिया। प्रतिमा महानगर की पहली व एकमात्र महिला बस चालक हैं, जो बस चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं।शक्ति की देवी दुर्गा की तरह ही प्रतिमा का जीवन है, जिन्होंने पुरुष प्रधान समाज में अपनी अलग पहचान बनाई है। प्रतिमा का जीवन दर्शाता है कि नारी शक्ति असंभव कार्य को भी संभव कर सकती है। नारी सशक्तीकरण का इससे जीवंत उदाहरण नहीं मिल सकता। मां दुर्गा की मूर्ति को ‘प्रतिमा’ का चेहरा दिया गया है।

तिमा के जीवन को दर्शाएगा पंडाल  जब पूजा का थीम ही प्रतिमा का जीवन है तो पूजा पंडाल में भी प्रतिमा

के जीवन को दर्शाया जाएगा। पंडाल को भी मिनी बस की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। अंदर का नजारा मिनी बस के समान है। पूजा पंडाल के प्रवेश द्वार पर प्रतिमा पोद्दार की एक सिलिकन की बनी मूर्ति होगी, जिसे मूर्तिकार नव कुमार पाल ने तैयार किया है। पूजा के बाद इस मूर्ति को मदर वैक्स म्यूजियम में रखा जाएगा। पूजा के दौरान पंडाल में आने वाले दर्शनार्थियों को प्रतिमा के जीवन के बारे में बताया जाएगा।

महिलाओं को मिलेगी प्रेरणा

खुद पर आधारित थीम के बारे में प्रतिमा ने कहा-‘मेरे लिए यह अविश्वनीय पल है। मुझे लेकर पूजा का थीम तैयार किया जाएगा, ऐसा मैंने सपने में भी नहीं सोचा था। जब मुझे इस बारे में पता चला तो मैं चौंक गई। मेरे लिए इससे बड़ा और कोई सम्मान हो नहीं सकता। इससे मेरी तरह और भी महिलाओं को भी बल मिलेगा, जिससे वे इस पुरुष प्रधान समाज के रूढ़ीवादी बंधनों को तोड़कर आगे बढ़ पाएंगी। गौरतलब है कि बेलघरिया-हावड़ा रूट की बस चलाती हैं।

पूजोर छंदे, मातो आनंदे’ का हुआ शुभारंभ

दुर्गा पूजा को लेकर पूरे बंगाल में उत्साह का माहौल है। इस बीच शुक्रवार को डॉलर इंडस्ट्रीज लिमिटेड की ओर से बीते सालों की तरह इस साल भी सालाना आयोजन पुजोर छंदे, मातो आनंदे के 10वें संस्करण

का शुभारंभ किया गया। ‘पुजोर छंदे, मातो आनंदे’ के तहत हर साल डॉलर की ओर से कोलकाता के विभिन्न पूजा आयोजकों को विभिन्न श्रेणी में पुरस्कृत किया जाता है।

इसके तहत सर्वश्रेष्ठ पाड़ा धुनुची डांसर, ढाक बजाने वाले और शंख बजाने वालों को पुरस्कृत किया जाता

है। शुक्रवार को कार्यक्रम के शुभारंभ के मौके पर वेदिका गुप्ता, उपाध्यक्ष, डॉलर इंडस्ट्रीज लिमिटेड, आइसीसीआर के क्षेत्रीय निदेशक गौतम दे, अभिनेत्री अयोशी तालुकदार, अभिनेता परमव्रत चट्टोपाध्याय व अन्य उपस्थित थे। पुजोर छंदे, मातो आनंदे के बारे में वेदिका गुप्ता ने कहा कि 10 साल पहले एक छोटी सी पहल के रूप में इसकी शुरुआत की गई थी जो आज कोलकाता के हर पूजा आयोजकों में काफी लोकप्रिय है। उन्होंने कहा कि पुजोर छंदे, मातो आनंदे एक मजेदार भरा पहल है जो प्रतिभागियों को बेहतर करने की प्रेरणा देता है। हम डॉलर में इको-फ्रेंडली को लेकर विश्वास करते हैं और इसका समर्थन करते हैं।

इस वर्ष हम प्रत्येक पूजा समितियों को पांच पेड़-पौधे देकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे। इस दौरान एक डॉलर बिगबॉस वैन 4 से 7 अक्टूबर के बीच विभिन्न पुजा पंडालों का भ्रमण करेगा ताकि लोग प्रतियोगिता में भाग ले सकें। उक्त संबंधित श्रेणियों में पहले तीन विजेताओं को नकद पुरस्कार दिया जाएगा। डॉलर की ओर से भाग लेने वाली सभी पुजा समितियों को स्मृति चिन्ह दी जाएगी।

About Bharat Good News

Leave a Reply

error: Content is protected !!