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शासन से बाढ़ अनुरक्षण मद में 50 लाख रुपये बाढ़ खंड को मिला

रिर्पोट- विवेक पाण्डेय

आजमगढ़ | मानसून आने में अभी देर है लेकिन बाढ़ से पूर्व तैयारी में महकमा जुट गया है। हालांकि 31 मई तक ही सभी तैयारियां पूरी कर लेनी थी। लेकिन लोकसभा चुनाव के कारण घाघरा व तमसा नदी किनारे बांधों के जर्जर हो चुके रेग्यूलेटरों की मरम्मत, रंगाई-पुताई, रेनकट को भरना, एडवांस मिट्टी रखने का कार्य अभी तक शुरू ही नहीं हो सका है। शासन से बाढ़ अनुरक्षण मद में 50 लाख रुपये बाढ़ खंड को मिल गए हैं।

तहसील सगड़ी के देवारा क्षेत्र में घाघरा नदी की बाढ़ से बचाव के लिए जिले में 41.400 किमी महुला गढ़वल बांध (एमजी बांध) बना है। एमजी बांध के किनारे छोटे-बड़े कुल 120 रेग्यूलेटर और शहर को तीन तरफ से घेर कर बहने वाली तमसा नदी की बाढ़ से सुरक्षा के लिए शहर सुरक्षा और एडवांस बांध बना है। शहर के दोनों बांधों पर कुल 21 रेग्यूलेटर बने हैं जिसमें से कई जर्जर हो चुके हैं। बाढ़ से बचाव के लिए पूर्व की तैयारी में खानापूर्ति ही की जाती है। हालांकि पिछले कई वर्षों में तमसा नदी में बाढ़ नहीं आई। घाघरा नदी में भी आई बाढ़ का असर तटवर्ती क्षेत्रों में ही रहता है लेकिन हर साल तैयारी के मद में लाखों रुपये खर्च कर दिए जाते हैं। पिछले वर्ष के बचे हैं हजारों बोरी

पिछले वर्ष तमसा व घाघरा नदी में आई बाढ़ से पूर्व तैयारी के दौरान काफी संख्या में बोरियां मंगाई गई थी जिसमें 10 हजार बोरी अभी भी बची है। देवारा में भी काफी संख्या में स्टोर में बोरियां रखी पड़ी हैं। बाढ़ अनुरक्षण मद में शासन से 50 लाख रुपये मिल गए हैं। 31 मई तक तैयारी पूरी कर लेनी थी लेकिन लोकसभा चुनाव के कारण संभव नहीं हो सका। संबंधित जेई व ठेकेदारों को निर्देश दिए जा चुके हैं। एमजी बांध की मरम्मत बारिश होने के बाद रेनकट का पता चलने के बाद होगी। जर्जर रेग्यूलेटरों को नया बदलने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

-दीपक कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड।

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