Wednesday , October 23 2019

प्रमुख समाचार


Home / पूर्वांचल समाचार / आज़मगढ़ / लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार जनता के बीच आ रहे अखिलेश यादव के सामने आजमगढ़ में खड़े होंगे कई सवाल ?3 जून को प्रकट करेंगे जनता का आभार 
AKHILESH YADAV SP CHIEF

लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार जनता के बीच आ रहे अखिलेश यादव के सामने आजमगढ़ में खड़े होंगे कई सवाल ?3 जून को प्रकट करेंगे जनता का आभार 

DHARMENDRA SRIVASTAV(EDITOR) 

3 जून को होगा सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव का आगमन

रिपोर्ट-धर्मेंद्र श्रीवास्तव

आजमगढ़ | लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव आज़मगढ़ की जनता के बीच 3 जून को  आभार प्रकट करने आ रहे है । सपा सुप्रीमो अब आजमगढ़ के सांसद बन गए है ।आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र में  उन्होंने भाजपा के प्रत्याशी दिनेश लाल निरहुआ को एक बड़े अंतर से  चुनाव हराया है , लेकिन  पूरे प्रदेश में  समाजवादी पार्टी का जिस तरह सफाया हुआ है ,उसे लेकर  2022 का विधानसभा चुनाव एक बड़ी चुनौती दिख रहा है ।ऐसे में सपा सुप्रीमो  अखिलेश यादव  के सामने  जनता के बीच  कई सवाल खड़े होंगे ।ये पहला अवसर होगा की अखिलेश यादव बतौर सुप्रीमो आजमगढ़ में रात्रि विश्राम करेंगे जिसे लेकर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे कि क्या जनता के आभार के बाद एक बार आजमगढ़ के इस सियासी मैदान से पार्टी  कोई नई रणनीति तय करेगी क्या | 

AKHILESH YADAV SP CHIEF

वैसे तो समाजवादी पार्टी का  गढ़ समझा जाने वाला आजमगढ़  ने ये भरोसा तो दिलाया है  कि उनका गढ़ अभी भी मजबूत है और उनके सिपाही भी  आजमगढ़ में मजबूती से खड़े थे | मोदी की इस सुनामी में अखिलेश यादव का एक बड़े अंतराल से जीतना इस बात का प्रमाण है  की आजमगढ़ में उनके कार्यकर्ता  उनके पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बलराम यादव विधायक दुर्गा प्रसाद यादव ,आलम बदी आज़मी ,नफीस अहमद ,डॉक्टर संग्राम यादव, कल्पनाथ पासवान,जिला अध्यक्ष हवलदार यादव, महासचिव हरिप्रसाद दुबे के अलावा बसपा के विधायक शाह आलम गुड्डू जमाली, वंदना सिंह, सुखदेव राजभर, आजाद अरीमर्दन ये सारे लोग और पार्टी संगठन के लोग काफी मजबूती से लगे रहे।आजमगढ़ आ रहे अखिलेश यादव को सबसे पहला जवाब पार्टी की हार के कारणों का देना होगा ,जिसका अभी तक कोई खुलासा नहीं हुआ है  ।पार्टी सूत्रों की माने  तो संगठनात्मक ढांचे की कमजोरी को लेकर अखिलेश यादव काफी चिंतित हैं ,लोकसभा चुनाव में  करारी हार के बाद पार्टी में मंथन और चिंतन का दौर जारी है।सपा बसपा और रालोद के गठबंधन के बाद  सपा ने अपने कुनबे की सीट गवाई है । कन्नौज से डिंपल यादव ,फिरोजाबाद से अक्षय यादव  तथा  बदायूं से  धर्मेंद्र यादव  चुनाव हार गए ।मैनपुरी से पिता मुलायम सिंह यादब  भले ही चुनाव जीत गए, लेकिन जीत का अंतर काफी कम रहा ।इसके अलावा पार्टी के कई बड़े चेहरे भी चुनाव में बुरी तरह मात खा गए ।आजमगढ़ आ रहे सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के सामने इन हालातों को देखकर एक बात तो साफ है कि 2022 में सपा की साइकिल चल पाएगी या नहीं । सपा को आगे गठबंधन से फायदा होगा या नुकसान । सपा सुप्रीमो को इस बात पर भी ध्यान देना होगा की पारिवारिक विवाद से नुकसान हुआ या नही । इस बुरी हार मे खासकर संगठन से नाराज  अखिलेश यादव ने  एक संकेत  दे ही दिया है  जिसमें पार्टी प्रवक्ताओं को  की इकाई को भंग कर  उन्हें टीवी चैनलों पर जाने से रोक दिया गया । लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी को जिस तरह हार का सामना करना पड़ा उससे पूरे पार्टी में खलबली मची है । हालांकि सपा सुप्रीमो ने आजमगढ़ से अच्छे अंतरों से चुनाव जीता । आपको बता दें कि 2014 में भी नरेंद्र मोदी की प्रचंड लहर थी बावजूद इसके समाजवादी पार्टी ने अकेले बलबूते पर 5 सीट जीती जिसमें परिवार के सभी सदस्य लोकसभा में पहुंच गए लेकिन इस बार इतनी मजबूत गठबंधन के बाद इतनी बुरी हार की उम्मीद पार्टी को कदापि नहीं रही होगी ।अब सवाल इस बात को लेकर उठने लगे क्या पार्टी संगठन की नीतियों को सही तरीके से अवगत करा सकें या नहीं ।पारिवारिक विवाद के कारण उन्हें कितना नुकसान उठाना पड़ा ।

1993 से शुरू हुआ समाजवादी पार्टी का 26 सालों के सफर में काफी उतार-चढ़ाव हुआ । कई बार पार्टी को हारजीत का सामना करना पड़ा एक बार 2012 मे अकेले दम पर बहुमत से सरकार बनी ,लेकिन इस बार महागठबंधन के बाद इतनी बुरी हार की पूरे पार्टी को उम्मीद नहीं थी । आजमगढ़ आ रहे सपा सुप्रीमो और अब आजमगढ़ के सांसद बन चुके अखिलेश यादव को पार्टी संगठन को मजबूत करना होगा ।सूत्रों की मानें तो पार्टी कुछ चाटुकार नेताओं को बाहर का भी रास्ता दिखा सकती है और कई कर्मठी चेहरे को नई जिम्मेदारी दी जा सकती है । पार्टी को एक तस्वीर तो जरूर साफ दिख रही होगी कि पार्टी कार्यकर्ता या नेता इस चुनाव में इस बात को लेकर निश्चिंत थे की गठबंधन में जातीय समीकरण को लेकर उन्हें बहुत मेहनत करने की जरूरत नहीं है ,शायद इसी सोच ने उन्हें इतनी बुरी हार दिला दी । 3 जून को सपा प्रमुख अखिलेश यादव आजमगढ़ आएंगे ।यह पहला अवसर होगा की आजमगढ़ में अखिलेश यादव रात्रि विश्राम करेंगे  और पूर्वांचल में आजमगढ़ के सियासी मैदान  से क्या रणनीति तय करेंगे इसका खुलासा तो बाद में ही हो सकेगा लेकिन इतना माना जा रहा है की पार्टी कुछ बड़े फैसले जरूर  ले सकती है

About Bharat Good News

Leave a Reply

error: Content is protected !!