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लम्बी कवायद के बाद दर्ज हुआ हत्या का मुकदमा

आजमगढ़-डेस्क-रिपोर्ट-शैलेन्द्र शर्मा-सिटी रिपोर्टर 
आजमगढ़। लम्बी कवायद के बाद आखिरकार हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। मामला पंजीकृत करने के बाद पुलिस छानबीन में जुटी हुर्ई है। यह मामला जहानागंज थाना क्षेत्र के धरवारा गांव का है। हुआ यह था कि बीते दस जुलाई को ग्रामवासी दिवाकर मिश्र पुत्र स्व. रामबली मिश्र के एकलौते बेटे दिग्विजय मिश्र की हत्या कर दी गयी थी। इस मामले में दिवाकर मिश्र की जहानागंज थाने पर कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसी स्थिति में उन्होंने पुलिस व प्रशासन के साथ-साथ प्रदेश के हर आला हाकिमों से गुहार लगायी। तब भी न्याय न मिलने की स्थिति में उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट को दिये गये प्रार्थना पत्र में उन्होंने कहाकि उनका एकलौता पुत्र दिग्विजय मिश्र कंछलगु्रप सिविल लाइन में काम करता था और इसके साथ ही गांव के अभिनव ङ्क्षसह की चचेरी बहन शहर के एक निजी अस्पताल में काम करती थीं। ऐेसे में दोनों अक्सर ही शहर से एक ही बाइक से घर आते थे। यह बात अभिनव सिंह और उसके गोल के शराब सेल्समैन सलटन यादव प्रमोद गुप्ता, पप्पू कहार को बुरी लगती थी। यही वजह रही कि बीते १० जुलाई की शाम को जब दिग्विजय धरवारा बाजार गया था तो पीछे से अभिनव सिंह उनके घर पर दिग्विजय को पूछने आया। उसके सब्जी लेने जाने की बात बताने पर वह बाजार चला गया। देर रात तक दिग्विजय के घर वापस न लौटने पर वह अपने परिचितों के साथ उसे ढूंढने बाजार गये तो पता चला कि वह प्रमोद गुप्ता की दुकान पर प्रमोद, पप्पू कहार, सलटन, अभिनव के साथ शराब पी रहा था। वहां पर उन लोगों में दिग्विजय को मारापीटा भी। फिलहाल दिग्विजय के न मिलने पर  वह लोग वापस घर लौट आये। इसके दूसरे दिन ११ जुलाई को पप्पू कहार उनके घर पर आया और दिग्विजय की साइकिल व मोबाइल बाहर खेल रहे बच्चे को देकर भाग गया। अनहोनी की आंशका पर वह लोग थाने पर सूचना दिये मगर रिपोर्ट नहीं लिखी गयी। इसी बीच १२ जुलाई को गांव की पोखरी में उतराया हुआ दिग्विजय का शव मिला तथा उसके आंख, होठ, गले व सिर पर चोट के निशान मिले। ऐसी स्थिति में  वह रिपोर्ट दर्ज कराने का हर संभव प्रयास किये। मगर कहीं पर सुनवाई नहीं हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुये मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बीते १८ नवम्बर को जहानागंज थाना पुलिस को निर्देशित किया कि वह एक सप्ताह के अन्दर में रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय को अवगत कराये। हत्यारोपियों के साथ मुकामी पुलिस की मिली भगत का आलम यह  रहा कि कोर्ट के आदेश के बाद भी रिपोर्ट नहीं दर्ज हुई। ऐसे में कोर्ट ने पांच दिसम्बर को जहानागंज थानाध्यक्ष को रिमाइंडर भेजा। इस मामले को गंभीरता से लेते हुये मौजूदा थानाध्यक्ष कुमुद शेखर सिंह ने मंगलवार को सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है और छानबीन शुरू कर दी है। इसके साथ ही नामजद आरोपी मुकदमा दर्ज होने की सूचना के साथ ही अपने घरों से  फरार हो गये हैं।

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