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“मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना“- जिलाधिकारी ने दिया आवश्यक दिशा निर्देश

आजमगढ़-डेस्क-रिपोर्ट-ज्ञानेंद्र चतुर्वेदी-सिटी रिपोर्टर 

आजमगढ़ – जिलाधिकारी चन्द्र भूषण सिंह ने बताया है कि शासन द्वारा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन जाति/पिछड़ा वर्ग/सामान्य वर्ग/अल्पसंख्यक वर्ग के गरीब व्यक्तियों की पुत्रियों के शादी हेतु सामूहिक विवाह के लिए “मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना“ प्रारम्भ की गयी है। इस योजना के अन्तर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले जरूरतमंद निराश्रित एवं निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या/विधवा/परितक्यता/तलकाशुदा महिलाओं के विवाह हेतु शादी अनुदान योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराते हुए “मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना“ के माध्यम से सामूहिक विवाह सम्पन्न करा कर कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले लोगों को उनकी सामाजिक/धार्मिक मान्यता एवं परम्परा/रीति रिवाज के अनुसार विवाह करने की व्यवस्था करा कर समाज में सर्वधर्म समभाव एवं सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वैवाहिक कार्यक्रम सम्पन्न कराये जाने हेतु सभी वर्ग के व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी हेतु समाज कल्याण विभाग के अन्तर्गत शासन द्वारा दिशा-निर्देशों/ नीति के अनुसार यह योजना संचालित की गयी है।
उक्त जानकारी जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के प्रभावी क्रियान्यवन हेतु जिला स्तरीय/क्रय समिति की एक अति महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। इस अवसर पर उन्होने बताया कि यह योजना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होने कहा कि कम से कम 1000 सामूहिक शादी जनपद में करायी जायेगी।
जिलाधिकारी ने अपील की है कि शासन द्वारा संचालित इस जन कल्याणकारी योजना में पात्र व्यक्ति अपना पंजीकरण करा कर योजना से लाभान्वित हो। उन्होने इस कार्य में एनजीओ के साथ ही जन प्रतिनिधियों से अनुरोध किया है कि वे पात्र जोड़ों का पंजीकरण 5 जनवरी तक करा दें। फार्म सभी नगर पालिका/नगर पंचायतों में उपलब्ध है। उन्होने यह भी कहा कि लाभार्थी अधिक जानकारी के लिए समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक कल्याण कार्यालय से सम्पर्क कर सकते है। जिलाधिकारी ने इसके अतिरिक्त ब्लाक एवं नगर पंचायतों में विवाह समिति का गठन करने का निर्देश समाज कल्याण अधिकारी को दिए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री सिंह ने योजनान्तर्गत पात्रता की शर्तो के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हए बताया कि कन्या के अभिभावक उ0प्र0 के मूल निवासी हो, कन्या/कन्या के अभिभावक निराश्रित/निर्धन एवं जरूरतमंद हो और आवेदक के परिवार की आय गरीबी रेखा के सीमा के अन्दर होना चाहिए। विवाह हेतु किए गये आवेदन मंे पुत्री की आयु शादी की तिथि को 18 वर्ष या उससे अधिक होना अनिवार्य है तथा वर के लिए 21 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली गयी हो। आयु की पुष्टि के लिए स्कूल शैक्षिक रिकार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र, मनरेगा जांबकार्ड, आधार कार्ड मान्य होगे। विवाह हेतु निराश्रित कन्या, विधवा महिला की पुत्री, दिव्यांगजन अभिभावक की पुत्री जो स्वंय दिव्यांग हो को प्राथमिकता प्रदान की जायेगी।
जिलाधिकारी ने आगे बताया कि एक जोड़े पर कुल रू0 35 हजार की धनराशि का व्यय निर्धारित है। सामूहिक विवाह कार्यक्रम में न्यूनतम 10 जोड़े होगे। उन्होने बताया कि आवेदन पत्र के अलावा विवाह पंजीकरण हेतु विवाह हेतु कन्या एवं वर को दो-दो फोटो पृथक से देना अनिवार्य होगा। श्री सिंह नें यह भी बताया कि वर या कन्या के परिवार से किसी भी प्रकार का कोई पंजीयन शुल्क नही लिया जायेगा, विवाह निःशुल्क होगा।
बैठक मंे मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन लवकुश कुमार त्रिपाठी, परियोजना निदेशक दुर्गा दत्त शुक्ल, अपर जिला सूचना अधिकारी अंजनी कुमार मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी जितेन्द्र कुमार मिश्र सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहें। बैठक का संचालन जिला समाज कल्याण अधिकारी राजीव रत्न सिंह ने किया।

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