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मध्य पोषण के महत्व विषय पर जागरूकता लाने के लिए समन्वित संचार एवं जनसंपर्क कार्यक्रम का आयोजन

रिर्पोट- ज्ञानेन्द्र चतुर्वेदी

आजमगढ़। क्षेत्रीय लोकसंपर्क ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार, आजमगढ़ द्वारा  25 सितम्बर, 2019 को पोषण अभियान के अन्तर्गत आजमगढ़ जनपद के मेंहनगर विकासखण्ड के ग्राम- मधुबन;गुरेहथाद्ध में स्थित रामनारायण बालिका इण्टर कॉलेज में उपस्थित छात्राओं के मध्य पोषण के महत्व विषय पर जागरूकता लाने के लिए समन्वित संचार एवं जनसंपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आजमगढ़ के जिलाधिकारी श्री नागेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लम्बे समय तक शरीर के लिए आवश्यक सन्तुलित आहार नहीं मिलता है तो वह कुपोषण का शिकार हो जाता है। कुपोषण एक गम्भीर स्थिति है और कुपोषण से बचने के लिए किसी भी व्यक्ति के आहार में पोषक तत्वों की सही मात्रा होनी चाहिये। उन्होंने आगे बताया कि हमें भोजन में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेड, वसा, विटामिन और खनिज तत्वों सहित पर्याप्त पोषक तत्वों का सेवन करना चाहिये। उन्होंने आगे कहा कि कुपोषण के कुछ लक्षण जैसे. शरीर की वृद्धि रूकना, कार्य पर शीघ्र थकान आना, मांसपेशियॉं का ढ़ीला होना अथवा सिकुड जाना, मन में उत्साह का अभाव, चिडचिड़ापन, शरीर का वजन कम होना, कमजोरी, नींद और पाचन क्रिया का गड़बड़ होना आदि है। उन्होंने बताया कि हमारे देश में गरीबी, अज्ञानता और निरक्षरता भी कुपोषण का एक महत्वपूर्ण कारक है। धन की कमी से लोग पर्याप्त पौष्टिक चीजे जैसे दूध, फल, घी इत्यादि नहीं खरीद पाते है जिसके कारणवश वह कुपोषण का शिकार होते है। उन्होंने ने कहा कि कुपोषण का एक कारण अस्वच्छता भी है जिसके कारण कई रोग होते है इसलिए कुपोषण से निपटने के लिए खुले में शौच से मुक्ति अति आवश्यक है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्यूरो के क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी तारिक अजीज ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह की थीम ‘‘सही पोषण.देश रोशन’’ है। उन्होंने बताया कि हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 8 मार्च, 2018 को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजस्थान के झुंझुनु में राष्ट्रीय पोषण मिशन की शुरूआत की। केन्द्र सरकार ने राष्ट्रीय पोषण मिशन के लिए 2020 तक 904617 करोड़ रूपये के बजट को मंजूरी दी है और सरकार का उद्देश्य इस मिशन का लाभ दस करोड़ लोगों तक पहुचाना है। भारत सरकार ने देश में 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों और महिलाओं के बीच कुपोषण को कम करने के लिए राष्ट्रीय पोषण मिशन कार्यक्रम चलाया है। अधोहस्ताक्षरी ने आगे कहा कि भारत सरकार ने देश के कुल 315 जिलों में राष्ट्रीय पोषण मिशन को गति देने के लिए विश्व बैंक के साथ 200 मिलियन डालर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये है। इस राष्ट्रीय अभियान के अन्तर्गत विश्व बैंक के सहायता वाली एकीकृत बाल विकास सेवायें पोषण सुधार परियोजना के तहत चल रही गतिविधियों को सभी जिलों में तीन साल की अवधि में धीरे.धीरे बढ़ाया जायेगा। राष्ट्रीय पोषण मिशन के उद्देश्य के विषय में चर्चा करते हुए अधोहस्ताक्षरी ने बताया कि इस योजना का लक्ष्य कुपोषण और कम वजन के बच्चों की जन्मदर को प्रतिवर्ष दो फीसदी तक कम करना है। राष्ट्रीय पोषण मिशन का मुख्य उद्देश्य बच्चों, महिलाओं और युवतियों में एनीमिया की कमी को 2020 तक प्रति वर्ष 3 प्रतिशत तक कम करना है और साथ ही वर्तमान में स्टांटिंग को 38.4 फीसदी से 2022 तक 25 फीसदी तक लाना है।

कार्यक्रम को आगे सम्बोधित करते हुए उपजिलाधिकारी मेहनगर, श्री अरविन्द कुमार सिंह ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा हेतु उचित पोषण के महत्व के विषय में जनजागरूकता पैदा करना है। आज के स्वस्थ बच्चे कल का स्वस्थ भारत होंगे और उनके बेहतर स्वस्थ्य से देश के विकास, उत्पादकता तथा आर्थिक उन्नति पर स्पष्ट प्रभाव पडेगा। श्री अरविन्द कुमार ने आगे बताया कि पोषणयुक्त आहार न मिल पाने के कारण न केवल कम उम्र के बच्चों में मधुमेह एवं हृदय रोग जैसी बीमारियॉं पैदा होती है बल्कि उनमें रोगों से प्रतिरक्षा करने की क्षमता का भी हृस होता है। उन्होंने कहा कि आज लोगों ने मीठे पेय पदार्थो की सेवन शुरू कर दिया है जोकि किशोरावस्था में मोटापा और तेजी से वजन बढ़ने का एक मुख्य कारण है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सदस्य श्री जयप्रकाश सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण मिशन से 10 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा चूकि यह मिशन चरणबद्ध तरीके से कार्य करेगा इसलिये प्रथम चरण में सर्वाधिक प्रभावित 315 जिलों को कवर किया जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों और स्त्रियों के अधिकांश रोगों की जड़ में कुपोषण ही होता है। स्त्रियों में एनीमियाए घेंघा रोगए बच्चों में सूखा रोगए रतौंधी और यहा तक अंधत्व भी कुपोषण का ही दुष्परिणाम है।

इस मौके पर विभाग द्वारा एक प्रश्नांत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गयाए जिसमें पोषण अभियान से संबंधित प्रश्न पूछे गये और सही उत्तर देने वाले विजेता 25 प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कृत प्रतिभागियों में नीति, सरोज, प्रियंका, अंजली, रिंकल, रक्षिता, पिं्रसी, अर्पिता, रीति, कृति, मानसी, वैशाली, तनु, पूजा, शिवाली, सलोनी, नीतु, अंजली चौहान, प्रिति, ऋषिका, नंदनी, सुनैना, अंजली रजक, सोनम, सोनी आदि शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान मुन्नालाल यादव भोजपुरी लोकगीत समितिए आजमगढ़ द्वारा कुपोषण विषय पर लोकगीत के माध्यम से मनोरंजक एवं ज्ञानवर्धक प्रस्तुति दी गयी।

कार्यक्रम के दौरान जितेन्द्र सिंह, विजेन्द्र सिंह, गिरिजेश सिंह, सुश्री वीणा सिंह, संध्या सिंह के साथ.साथ विद्यालय की छात्राएं एवं ग्रामीण जन भी उपस्थित रहे।

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