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मण्डलायुक्त कार्यालय के दो कर्मचारी निलम्बित, एक को मिली विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि

रिर्पोट-विनोद सिंह सोनू

आज़मगढ़ | मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने एक ग्राम प्रधान के विरुद्ध की गयी शिकायत की जाॅंच को कूटरचित ढंग से स्थानान्तरित कराये जाने का दोषी पाये जाने पर अपने कार्यालय के दो कर्मचारियों को निलम्बित कर दिया है तथा एक अन्य कर्मचारी को संलिप्त पाये जाने पर विशेष प्रतिकूल प्रविष्ट दी है। प्राप्त विवरण के अनुसार गत दिवस विकास खण्ड जहानागंज के ग्राम कोईलारी की ग्राम प्रधान के विरुद्ध कतिपय लोगों द्वारा शिकायत की गयी, जिस पर मण्डलायुक्त के निर्देश पर प्रकरण जाॅंच टीएसी (प्राविधिक परीक्षक, ग्राम्य विकास विभाग) द्वारा की जा रही थी। उक्त जाॅंच को स्थानान्तरित किये जाने हेतु ग्राम प्रधान द्वारा 29 जून को प्रार्थना पत्र दिया गया, जिस पर अपर आयुक्त (प्रशासन) न्यायालय के पेशकार रामअवध राम ने शिकायत लिपिक विक्रमादित्य पाटिल को मिला कर कूटरचित ढंग से जाॅंच मुख्य विकास अधिकारी आज़मगढ़ के यहाॅं स्थानान्तरित किये जाने विषयक पत्र तैयार कर अपर आयुक्त (न्यायिक) को अंधेरे रखकर उस पर हस्ताक्षर करा लिया। मण्डलायुक्त के निर्देश पर इस प्रकरण की प्रारम्भिक जाॅंच अपर आयुक्त (न्यायिक) से कराई गयी जिसमें उन्होंने उल्लेख किया कि ग्राम प्रधान कोइलारी के जाॅंच स्थानान्तरण सम्बन्धी प्रार्थना पत्र पर रामअवध राम पेशकार ने कार्यालय के आरआरके विजय प्रकाश सिंह से मिलकर अपर आयुक्त (न्यायिक) को इन्डोर्स कराया तथा पुनः उक्त प्रार्थना पत्र आरआरके से यह कह कर ले लिया कि अपर आयुक्त (न्यायिक) द्वारा पत्र की मांग की जा रही है। तत्पश्चत पेशकार प्रधान के विरुद्ध चल रही जाॅंच को मुख्य विकास अधिकारी आज़मगढ़ के यहाॅं स्थानान्तरित किये जाने विषयक पत्र तैयार कर हस्ताक्षर हेतु शिकायत लिपिक श्री पाटिल को दे दिया तथा शिकायत लिपिक द्वारा तथ्यों को छिपा कर उस पर अपर आयुक्त (न्यायिक) से हस्ताक्षर कराया गया। मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने प्रकरण को पूरी गंभीरता से लेते हुए प्रकरण में दोषी पााये जाने पर अपर आयुक्त (प्रशासन) न्यायालय के पेशकार रामअवध राम को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया तथा शिकायत लिपिक विक्रमादित्य पाटिल, जो मूल रूप से उप श्रमायुक्त कार्यालय के कर्मचारी हैं, को निलम्बित कर विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करने हेतु उप श्रमायुक्त को निर्देश दिया, जबकि मामले में आरआरके विजय प्रकाश सिंह की संलिप्तता पाये जाने पर उन्हें विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।

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