Monday , September 28 2020

प्रमुख समाचार


विज्ञापन

Home / पूर्वांचल समाचार / आज़मगढ़ / जिला पोषण समिति तथा पोषण पखवाड़ा की बैठक

जिला पोषण समिति तथा पोषण पखवाड़ा की बैठक

आजमगढ़-डेस्क-रिपोर्ट-ज्ञानेंद्र चतुर्वेदी-सिटी रिपोर्टर 

आजमगढ़ | जिलाधिकारी चन्द्र भूषण ंिसंह ने कहा कि मातृ एवं बाल पोषण में सुधार एवं मातृ, शिशु एवं बाल मृत्यु दर मंे कमी लाने हेतु शासन कृत संकल्प है। 5 वर्ष से कम उम्र के आधे से अधिक बच्चों के मृत्यु का एक प्रमुख कारण मातृ एवं शिशु कुपोषण है। कुपोषण से प्रभावित जो बच्चे जिवित रहते है उनकी भी प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है जिससे वे प्रायः वे बिमार हो जाते है और उनका सम्यक बौधिक एवं शारिरिक विकास नही हो पाता है। यह एक जटिल समस्या है और इसकी रोकथाम में अन्य विभागों के साथ कन्वर्जेन्स एवं समन्वय नितान्त आवश्यक है। विशेष रूप से स्वास्थ्य पोषण एवं स्वच्छता सम्बन्धित उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए कुपोषण की समस्या को समाप्त किया जा सकता है।
उक्त बाते जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढीकरण हेतु जिला पोषण समिति तथा पोषण पखवाड़ा की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। इस अवसर पर उन्होेने बताया कि कुपोषण के दृष्टिगत विभिन्न विभागीय कार्यक्रमों में कन्वर्जेन्स स्थापित करते हुए शासन द्वारा कुपोषण की रोकथाम हेतु सबरी संकल्प योजना संचालित की गयी है। यह योजना प्रदेश के 39 जिलांे मे संचालित की गयी है। जिसमें जनपद आजमगढ़ भी सम्मलित है। उन्होने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य विभागीय कार्यक्रमों में कन्वर्जेन्स स्थापित करते हुए जनपद में 0 से 3 वर्ष आयु के पीली एवं लाल श्रेणी के कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों में कुपोषण की दर में दिसम्बर 2018 तक 2 प्रतिशत की कमी लाना है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार आईसीडीएस कार्यक्रम के सफल क्रियान्यवन हेतु विभिन्न विभागों के समन्वय से सामाजिक जागरूकता एवं समुदाय सहभागिता लाये जाने के उद्देश्य से जनपद, ब्लाक व आंगनवाड़ी केन्द्र पर 16 दिसम्बर से 30 दिसम्बर तक पोषण पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है।
बैठक में जिलाधिकारी ने आईसीडीएस की शिथिल कार्य प्रणाली पर गहरा आक्रोश प्रकट करते हुए कहा कि सीडीपीओ एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्री/सुपरवाईजर कुपोषित बच्चों का शत-प्रतिशत चिन्हांकन कर सीएचसी/पीएचसी से रेफर करा कर एनआरसी पर लायें। उन्होने काह कि इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी/कर्मचारी को नो वर्क नो पे कर दिया जायेगा। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 एसके तिवारी, परियोजना निदेशक देव दत्त शुक्ल, सीडीपीओ सहित सम्बन्धित कर्मचारी उपस्थित रहें।

About Bharat Good News

error: Content is protected !!