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गांवों को ओडीएफ करने ग्राम प्रधान ले संकल्प- जिलाधिकारी

आजमगढ़-डेस्क-रिपोर्ट-सोनू पंडित-सिटी रिपोर्टर 

आजमगढ़ | जिलाधिकारी चन्द्र भूषण सिंह ने जनपद को कुपोषण मुक्त गांव बनाने हेतु गोद लिए गये 82 ग्राम पंचायतांे के ग्राम प्रधानों से कहा कि वे यह संकल्प ले कि 31 जनवरी तक इन सभी गांवांे को ओडीएफ कर दिया जायेगा, क्यांेकि लगभग 99 प्रतिशत बिमारियों गन्दगी के कारण होती है। इन गांवांे में शौचाल निर्माण हेतु धनराशि 71 ग्राम पंचायतांे में भेजी जा चूकी है तथा शेष में भेजी जा रही है।
उक्त निर्देश जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में कुपोषण के रोकथाम के लिए कुपोषण मुक्त गांव बनाने हेतु गोद लिए गये 82 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानांे तथा सम्बन्धित अधिकारियांे के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करते हुए दिए। इस अवसर पर उन्होने कहा कि शासन द्वारा कुपोषण की रोकथाम हेतु मात-शिशु मृत्यु दर व मात-बाल कुपोषण में कमी लाते हुए कुपोषण-मुक्त गांव बनाने का निर्णय लिया गया है। जिसके क्रम में मेरे द्वारा अधिकारियों को दो-दो राजस्व गांव आबंटित करते हुए जनपद के कुल 82 ग्राम पंचायतों को कुपोषण मुक्त बनाये जाने के निर्देश दिए गये है।
उन्होने कहा कि गांव को कुपोषण मुक्त किए जाने के प्रयास के अन्तर्गत पोषण विशिष्ट (गर्भावस्था के दौरान देखभाल, स्तनपान, एनिमिया आदि) तथा पोषण संवेदनशील (स्वच्छता, शिक्षा, आजिविका) हस्तक्षेपों को समाहित किया जायेगा ताकि मां एवं बच्चें के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर से समग्र सुधार परिलक्षित हो सकें। कुपोषण की रोकथाम हेतु राज्य पोषण मिशन द्वारा अपनायी गयी रणनिति के तहत ग्राम सभाओं के राजस्व ग्रामों (ओडीएफ ग्रामों को प्राथमिकता के आधार पर) को जनपदीय अधिकारियों द्वारा गोद लेते हुए वहां कुपोषण की रोकथाम हेतु संचालित विभिन्न विभागीय योजनाओं का गहन अनुश्रवण करते हुए उनमें समन्वय एवं सामंजस्य स्थापित कर प्रभावी क्रियान्यवन सुनिश्चित कराया जायेगा।
जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों को बताया कि जनपद को कुपोषण मुक्त करने हेतु 5 विभागों जैसे स्वास्थ्य, आईसीडीएस, शिक्षा, पंचायती राज, ग्राम विकास एवं खाद्य विभाग का विशेष महत्व है। उन्होने सम्बन्धित विभागों के दायित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा जिला पूर्ति अधिकारी अहर गर्भवती महिलाओं एवं अति कुपोषित बच्चों के परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध करायेगें। डीडी मनरेगा सम्बन्धित गांव में पात्र महिलाओं को जाॅब कार्ड उपलब्ध करायेगंे। डीपीआरओ यह सुनिश्चित करेगें कि सम्बन्धित गांव ओडीएफ हो जाय तथा सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता हो जाय। इसी प्रकार बीएसए/डीआईओएस द्वारा किशोरियों को स्वास्थ्य एवं पोषण शिक्षा तथा आयरन की गोली मुहैया करायेगे। डीपीओ आंगनवाड़ी कार्यकत्रियांे के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को अनुपूरक पोषाहार उपलब्ध कराये तथा अतिकुपोषित बच्चों के परिवारों में गृह भ्रमण कर तथा परामर्श दिलाना सुनिश्चित करंे। इस कार्य में सीडीपीओ तथा मुख्य सेविकाओं का सहयोग लिया जाय। सीएमओ गर्भवती महिलाओं का एमटीसीएस रजिस्ट्रेशन, जांच तथा एक घन्टे के अन्दर नवजात शिशुओं को स्तनपान कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करंे। पीडी सम्बन्धित गांव में पात्र लाभार्थियांे को आवास की सुविधा मुहैया कराना सुनिश्चित करें और डीसी एनआरएलएम सम्बन्धित गांव में अपने विभागीय योजनाओं से लाभार्थियांे को आच्छादित करें। इसके अतिरिक्त पेंशन योजना से भी वहां के लाभार्थियांे को लाभान्वित किया जाय।
जिलाधिकारी ने कहा कि अतिकुपोषित बच्चांे को सीएचसी/पीएचसी रेफर कराकर एनआरसी में रखा जाय। उन्होने कहा कि एनआरसी खाली नही रहना चाहिए जबतक जनपद शत-प्रतिशत कुपोषण मुक्त न हो जाय। श्री सिंह ने कहा कि किसी भी कार्यक्रम की शत-प्रतिशत सफलता मंे जन सहयोग आवश्यक है। एत्एव ग्राम प्रधान इस कार्यक्रम की सफलता में अपना भरपूर योगदान देकर जनपद को कुपोषण मुक्त बनाये ताकि बच्चें समाज की मुख्यधार से जुड़ सकें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह, पीडी देवदत्त शुक्ल, अपर जिला सूचना अधिकारी अंजनी कुमार मिश्र, एडनीशनल सीएमाओ डा0 संजय, डीपीआरओ जेके मिश्र, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 वीके सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।

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