Tuesday , August 20 2019

प्रमुख समाचार


Home / पूर्वांचल समाचार / आज़मगढ़ / उपेक्षात्मक रवैये से क्षुब्ध शिक्षक 16 अगस्त से करेंगे आंदोलन-डाॅ प्रवेश

उपेक्षात्मक रवैये से क्षुब्ध शिक्षक 16 अगस्त से करेंगे आंदोलन-डाॅ प्रवेश

रिर्पोट- विनोद सिंह सोनू


मांगे पूरा न होने पर धरना होेगा अनिश्चित कालीन
श्री दुर्गा जी स्नातकोत्तर महाविद्यालय चण्डेश्वर परिसर में बैठक हुई समपन्न
आजमगढ़। श्री दुर्गा जी स्नातकोत्तर महाविद्यालय चण्डेश्वर परिसर में महाविद्यालय के शिक्षक संघ इकाई के अध्यक्ष डाॅ प्रवेश सिंह की अध्यक्षता में बैठक शुरू हुई। बैठक में शिक्षकों ने कार्यवाहक प्राचार्य के दुर्भावनापूर्ण रवैये का पूरजोर विरोध किया गया। संघ के सदस्यों ने महाविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी पूर्व में सौंपी गयी 20 सूत्रीय मांग पूरा न करने पर कार्यवाहक प्राचार्य के खिलाफ आगामी 16 अगस्त को वृहद् आंदोलन पर जाने की चेतावनी दी है। मांग पत्र के प्रति एकजुटता प्रदर्शित करते हुए प्रभारी प्राधिकृत नियंत्रक के उपेक्षा पूर्ण रवैये के विरोध में काली पट्टी बांधकर कार्य बहिष्कार करते हुए धरने पर बैठने की चेतावन दी है तथा यह भी निर्णय लिया गया कि यदि महाविद्यालय प्रशासन द्वारा अविलम्ब सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो जिला इकाई व विश्व विद्यालय इकाई से भी रचनात्मक सहयोग लेकर उसे आमरण अनशन में तब्दील कर दिया जायेगा। तब आंदोलन का स्वरूप याचनात्मक  नहीं अपितु उग्र होगा। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी।
बैठक को सम्बोधित करते हुए अध्यक्ष डा प्रवेश सिंह ने कहाकि यह समझ से परे है कि कार्यवाहक प्राचार्य व प्रभारी प्राधिकृत नियंत्रक शिक्षकों के साथ उपेक्षात्मक रवैया क्यो अपनाते है? मुख्य रूप से मानदेय शिक्षकों का आमेलन उप्र सरकार ने 7 मार्च 2019 को कर दिया जिसकी पुष्टि उच्च न्यायालय ने भी कर दी है। इसके बावजूद 5 माह बीत जाने के बाद भी आज तक नियुक्ति पत्र निर्गत नहीं किया जाना शासन की मंशा व न्यायालय के अवमानना के समान है। सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से प्रभारी प्राधिकृत नियंतत्र व प्राचार्य के इस कृत्य की घोर निंदा करते हुए जिलाधिकारी महोदय से प्राचार्य को तुरन्त निलम्बित करने की मांग किया। कार्यवाहक प्राचार्य को पूर्व में दिये गये 20 सूत्रीय मांगों को पूरा न करने पर 16 अगस्त 2019 से चाक डाउन हड़ताल करने पर सहमति बनी तथा प्राचार्य डा संतोष सिंह के इस स्वेच्छाचारी रवैये की घोर निदा की गयी।
इस दौरान वरिष्ठ शिक्षकों में मुख्य रूप से जिला शिक्षक संघ इकाई के महामंत्री डा इन्द्रजीत ने कहाकि आंदोलन में जिला इकाई, महाविद्यालय इकाई के साथ समन्वय स्थापित कर विश्वविद्यालय इकाई का भी सहयोग लेगी। साथ ही शिक्षक नेता/विधायक चेतनारायण सिंह का व देवेन्द्र सिंह एवं धु्रव सिंह सभी विधायकों का भी समर्थन पत्र एवं आंदोलन में सहभागिता सुनिश्चित कराने का प्रयास करेंगे। मानदेय शिक्षकों का इस तरह से अनादर असहनीय है, इसकी हम घोर निंदा करते है।
पूविवि के सहमंत्री डा राजीव त्रिपाठी ने डा इन्द्रजीत जी के बातों का समर्थन करते हुए लड़ाई को अंजाम तक पहंुचा कर ही शांत होने की बात कही। संरक्षक डा. फूलचन्द्र सिंह एवं डा मधुबाला राय पूर्व प्राचार्या ने भी महाविद्यालय प्रशासन के हठवादी रवैये का पूरजोर विरोध किया। डा ईश्वर चन्द्र त्रिपाठी व विरेन्द्र दूबे ने भी प्राचार्य को तुरंत निलम्बित करने की मंाग की। डा सीवी मौर्य, डा रामजी वर्मा ने प्राचार्य को तुरंत शिक्षक संघ की मांग को मान लेने का सुझाव दिया तथा स्पष्ट किया कि सभी 20 सूत्रीय मांगे महाविद्यालय हित से जुड़ी है। संचालन महामंत्री डाॅ अजीत प्रताप सिंह ने किया।
बैठक में डाॅ राजेश, डाॅ विष्णु, डाॅ आरके पांडेय, डाॅ कौशल, डाॅ सुनील, डाॅ निलेश, डाॅ फखरे आलम, डाॅ सियाराम शुक्ला आदि मौजूद रहे।

About Bharat Good News

Leave a Reply

error: Content is protected !!