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आईजीएनसीए ने रंगारंग कार्यक्रम के साथ किया ‘नव संवत्सर 2076’ का स्वागत

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नई दिल्ली,  (हि.स.)। इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) ने “नव संवत्सर 2076” का स्वागत रंगारंग कार्यक्रमों के साथ किया। कार्यक्रम की शुरूआत पंडित गजाधर पाठक ने सरस्वती वीणा वादन व शंखनाद कर किया।
इस मौके पर राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने द्वीप प्रज्वलन कर सभी को भारतीय नव वर्ष की शुभकामनायें देते हुए कहा, “भारतीय नव वर्ष शास्त्रोक्त एवं वैज्ञानिक है। माना जाता है कि चारों वेदों की रचना भी आज ही के दिन हुई थी। उन्होंने आगे कहा कि हमारा प्रयास है कि भारत की चिर पुरातन संस्कृति के आयामों को नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत कर उसे भारत की इन सांस्कृतिक विरासत व परम्पराओं से अवगत कराया जाए। इसी एक प्रयास के रूप में केन्द्र ‘नव संवत्सर’ का आयोजन कर रहा है। हमारा आप सब से आग्रह है कि अपने पारंपरिक नव वर्ष को मनाने की शुरुआत करिए ताकि हमारी युवा पीढ़ी इसके महत्व को समझे और इससे जुड़े।”
कार्यक्रम के दूसरे चरण में विदुषी रीता देव ने हिंदुस्तानी शास्त्रीय शैली में भजनों कि प्रस्तुति दी। उन्होंने अपने गायन कि शुरुआत राग अहीर भैरव में “मेरो मन राम राम रटे….” से की। उनके साथ विनय मिश्रा हारमोनियम पर, उमा प्रसन्ना बांसुरी पर, गौतम मजूमदार तबले पर एवं सारंगी पर उस्ताद एहसान अली ने संगत की।
रीता देव के बाद अनुप्रिया देवताले ने वाइलिन वादन से सभी श्रोताओं का मन झंकृत कर दिया। उन्होंने वायलिन पर राग मुखारी, मध्य लय, द्रुत तीन ताल की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के आखिर में श्री पाले राम ने अपने दल के साथ हरियाणा की सुप्रसिद्ध लोक संगीत ‘रागिनी’ प्रस्तुत की। 

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